Wednesday, February 11, 2026
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काशीपुर किसान सुखवंत आत्महत्या केस, जांच के लिए SIT का गठन

निलंबित 12 पुलिस कर्मियों का चमोली–रुद्रप्रयाग स्थानान्तरण

वीडियो व ई-मेल की जांच के आदेश

देहरादून: काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के मामले में आईजी एसटीएफ नीलेश आनन्द भरणे की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय विशेष अन्वेषण दल एसआईटी का गठन किया है. इसके साथ ही सस्पेंड आईटीआई थाना प्रभारी कुंदन सिंह रौतेला और एसआई प्रकाश बिष्ट का कुमाऊं से गढ़वाल रेंज में ट्रांसफर कर दिया गया है.

इन दोनों के अलावा इस मामले में लाइन हाजिर हुए पौगा चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार समेत सभी 10 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर भी गढ़वाल रेंज में किया है. पुलिस मुख्यालय उत्तराखंड ने प्रेस नोट जारी कर ये जानकारी दी है.

एसआईटी का गठन: पुलिस मुख्यालय उत्तराखंड की तरफ से जारी प्रेस नोट के अनुसार आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) का गठन किया है. SIT में पुलिस अधीक्षक चम्पावत अजय गणपति, क्षेत्राधिकारी टनकपुर वन्दना वर्मा, चम्पावत जिले से निरीक्षक दिवान सिंह बिष्ट और उपनिरीक्षक मनीष खत्री को शामिल किया गया है.

निष्पक्ष और पारदर्शी विवेचना को ध्यान में रखते हुए निलंबित तीन उपनिरीक्षक, एक अपर उप निरीक्षक, एक मुख्य आरक्षी, सात आरक्षी यानी कुल 12 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से गढ़वाल रेंज में जनपद चमोली रुद्रप्रयाग स्थानांतरित कर दिया गया है.

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सुखवंत सिंह ने बताया कि कैसे उसके साथ करीब चार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी हुई है. सुखवंत सिंह ने आरोप लगाया था कि इस मामले की उसने पुलिस से भी शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने उसकी मदद करने के बचाए उल्टा उसको धमकाया था. आखिर में परेशान होकर सुखवंत सिंह ने आत्महत्या कर ली.

सुखवंत सिंह ने वीडियो में कुछ पुलिसकर्मियों समेत कई लोगों को नाम लिए थे. इस घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था. आनन-फानन पुलिस हरकत में आई और आईटीआई थाना प्रभारी कुंदन सिंह रौतेला और एसआई प्रकाश बिष्ट को सस्पेंड किया गया.

इसके अलावा पौगा चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार समेत 10 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था. आज इन सभी 12 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर गढ़वाल रेंज में किया गया हैं. साथ ही तब शासन स्तर से कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिए गए थे. वहीं अब इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है.

26 लोगों पर मुकदमा दर्ज: बता दें कि इस मामले में सुखवंत सिंह के भाई की तहरीर पर 26 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. सुखवंत सिंह के भाई परविंदर सिंह ने कोतवाली आईटीआई में तहरीर दी थी. परविंदर सिंह के अनुसार जमीन खरीदने के नाम पर उनके साथ करीब चार करोड़ की धोखाधड़ी हुई है.

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