Thursday, February 12, 2026
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शीतकालीन पर्यटन सम्मेलन औपचारिकता नहीं,उत्तराखंड को 12 महीने का टूरिज्म स्टेट बनाने का साझा प्रयास : मुख्यमंत्री

उत्तराखंड बनेगा देश का ‘नेचुरल हीलिंग डेस्टिनेशन,चारधाम के अलावा वेलनेस व एडवेंचर टूरिज्म की अपार संभावनाएं।

पर्यटन से पहाड़ों में रुकेगा पलायन, होमस्टे, टैक्सी और होटल को मिलेगा सालभर रोजगार — मुख्यमंत्री।

परमिशन,कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और मार्केटिंग में सरकार देगी हरसंभव सहयोग।

विंटर टूरिज्म कॉनक्लेव में सीएम ने कहा विनाश नहीं,रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म हमारा लक्ष्य,हर गांव को पहचान और हर हाथ को रोजगार।

उत्तरकाशी: शीतकालीन चारधाम यात्रा एवं पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा स्थानीय लोगों को वर्षभर रोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तहत तीन दिवसीय विंटर टूरिज्म कॉनक्लेव का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुभारंभ किया।

कॉनक्लेव में एसोसिएशन ऑफ डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया के सहयोग से देश के विभिन्न राज्यों से आए 50 टूर ऑपरेटर्स ने प्रतिभाग किया। इसके अतिरिक्त राज्य स्तर से 50 तथा स्थानीय स्तर से भी 50 टूर ऑपरेटर्स ने कॉनक्लेव में भाग लिया। कार्यक्रम में होटल एसोसिएशन उत्तरकाशी एवं बड़कोट, ट्रैकिंग संगठन उत्तरकाशी और सांकरी के पंजीकृत प्रतिनिधियों की भी सक्रिय सहभागिता रही। निम में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से शीतकालीन पर्यटन की संभावनाओं पर मंथन किया गया तथा उत्तराखंड को वर्षभर पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया। तीन दिवसीय विंटर टूरिज्म कॉन्क्लेव के तहत मां गंगा का शीतकालीन प्रवास मुखबा एवं मां यमुना का खरसाली तथा सांकरी में केदारकांठा ट्रैक बेस केम्प का देश भर के टूर ऑपरेटर भ्रमण करेंगे तथा शीतकालीन टूरिज्म को बढ़ावा देंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विंटर टूरिज्म कान्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि शीतकालीन पर्यटन सम्मेलन केवल एक औपचारिक संवाद नहीं,बल्कि उत्तराखंड के पर्यटन को नई दिशा देने का एक साझा प्रयास है। उन्होंने टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, होटल व्यवसायियों, होम-स्टे संचालकों, टैक्सी एवं ट्रांसपोर्ट यूनियन के प्रतिनिधियों, एडवेंचर टूरिज्म से जुड़े लोगों का स्वागत और उत्साहवर्धन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन का अर्थ केवल बड़े होटल नहीं,बल्कि जब गांव की महिला का होमस्टे भरे, स्थानीय युवा टैक्सी चलाएं, पहाड़ी युवक ट्रेकिंग गाइड बनें,लोक कलाकारों को मंच मिले और किसान के उत्पाद सीधे पर्यटक तक पहुंचें—तभी पर्यटन सार्थक होगा। इसी उद्देश्य से सरकार ने होमस्टे नीति को सरल बनाया है, लखपति दीदी योजना से महिलाओं को जोड़ा है, लोकल गाइड ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए हैं और “वोकल फॉर लोकल” को पर्यटन से जोड़ा है।

मुख्यमंत्री ने पर्यावरण और संस्कृति पर जोर देते हुए कहा कि सरकार विकास चाहती है, लेकिन विनाश की कीमत पर नहीं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय संस्कृति का संरक्षण और गांव के अंतिम व्यक्ति को पर्यटन से जोड़ना ही सरकार का रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म मॉडल है।उन्होंने सभी टूर ऑपरेटर्स से आग्रह किया कि वे अपने पर्यटन पैकेज में उत्तरकाशी, हर्षिल, मुखबा, नेलांग, चमोली, औली, मुनस्यारी, पिथौरागढ़, चम्पावत, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग एवं सीमांत गांवों को शामिल करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप पैकेज बनाइए, सरकार आपके साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं और निवेशकों को संदेश देते हुए कहा कि उत्तराखंड निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है, क्योंकि यहां पर्यटन केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि रोजगार का सबसे बड़ा इंजन है। उन्होंने कहा कि होटल मालिक, होमस्टे संचालक, टैक्सी चालक और ट्रैवल एजेंट—सभी को काम मिले और हर गांव को पहचान मिले, यही सरकार का लक्ष्य है।

इस अवसर पर गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान,पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल,दर्जा राज्य मंत्री रामसुंदर नौटियाल,जगत सिंह चौहान,प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा डॉ.स्वराज विद्वान,प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट,जिलाध्यक्ष भाजपा नागेंद्र चौहान,पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण,डीएम प्रशान्त आर्य,एसपी कमलेश उपाध्याय,सीडीओ जयभारत सिंह,रजिस्ट्रार निम विशाल रंजन,जिला पर्यटन विकास अधिकारी केके जोशी सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

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